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वायु विकार दूर करता है अजवाइन का चूर्ण

अजवाइन (Ajwain) का मसाले के रूप में प्रयोग तो हर घर में होता है। लेकिन रोगों के उपचार (Rogon ka upchar) में भी यह बेहद लाभदायक है। प्रस्तुत है इससे संबन्धित कुछ घरेलू उपचार। 

वायु विकार दूर करता है अजवाइन का चूर्ण
  • अजवाइन (Ajwain), काला नमक, सौंठ तीनों को पीस कर इसे भोजन के बाद खाएं। अजीर्ण, वायु विकार दूर होंगे। 
  • खीरे के रस में अजवाइन पीस कर चेहरे की झाइयों पर लगाने से लाभ होता है। 
  • गर्भावस्था में इसे खाने से खून साफ रहता है और रक्त संचरण को भी सुचारु बनाये रखता है। 
  • अजवाइन के तेल (Ajwain ka tel) की कुछ बूंदें कान में डालने से कान दर्द से आराम मिलता है। 
  • शरीर में दाने या दाद होने पर अजवाइन को पानी (Ajwain ka pani) में गाढ़ा पीस कर दिन में दो बार लेप करें। लाभ होगा। घाव व जलने पर यह लेप लाभदायक है। 
  • अजवाइन के चूर्ण (Ajwain ka churn) की पोटली बना कर सेकने से गठिया के दर्द में आराम मिलता है। 
  • अजवाइन के रस (Ajwain ka ras) में एक चुटकी काला नमक मिला कर ऊपर से गरम पानी पीने से खांसी बंद हो जाती है। 
  • गुड़ और पीसी हुई (Kachchi ajwain) कच्ची अजवाइन 1-1 चम्मच मिला कर रोज खाने से गुर्दे का दर्द ठीक हो जाता है। 
  • जो बच्चे रात में बिस्तर गीला करते हैं, उन्हें रात में लगभग आधा ग्राम अजवाइन खिलाएँ। 
  • अजवाइन को भून (Bhuni ajwain) कर व पीस कर मंजन बना लें। इस मंजन से मुंह साफ करने से मसूड़ों के रोग मिट जाते हैं। 

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