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डायरिया क्या है और इससे कैसे बचें What is Diarrhea in hindi

यदि आपको दिन में तीन बार से अधिक पतला शौच हो तो यह डायरिया के लक्षण (Diarrhea ke lakchan)  होते हैं। यह बीमारी मुख्यतः रोटा वायरस के शरीर में प्रवेश से होता है। यह दो प्रकार का होता है - एक्यूट और क्रोनिक डायरिया। 

डायरिया के कारक (Dairiya ke karak):- डायरिया (Dayria) साधारणता दूषित पनि पीने से होता है। कई बार यह निम्नलिखित कारणों से भी होता है।

1. वायरल इन्फेक्शन के कारण
2. पेट में बैक्टीरिया के संक्रामण से
3. शरीर में पानी कि कमी से
4. आस-पास सफाई ठीक से न होने से
डायरिया के लक्षण (Diarrhea ke laxan):- दिन में लगातार तीन से अधिक बार पतला शौच आना डायरिया का मुख्य लक्षण है। यह साधारणता एक हफ्ते में ठीक हो जाता है। यह क्रोनिक डायरिया (Chronic Diarrhea) कहलाता है। समय पर इलाज न होने पर यह खतरनाक हो जाता है। यह ज़्यादातर बच्चों में होता है और इसमें मृत्यु का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन होता है। पेट में तेज दर्द होना, पेट में मरोड़ होना, उल्टी आना, जल्दी जल्दी दस्त होना, बुखार होना, कमजोरी महसूस करना, आँखें धंस जाना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
डाइरिया का इलाज (Dairiya ka ilaj):- ओ०आर०एस० का इस्तेमाल (Use of ORS) इस बीमारी का सबसे सस्ता और आसान उपचार है। डायरिया से पीड़ित (Diarrhea se pidit) रोगी को तुरंत ओ०आर०एस० का घोल (ORS ghol) पिलाना चाहिए। यह घोल आसानी से आंतों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है और शरीर में एलेक्ट्रोलाइट्स कि कमी को पूरा करता है। यदि डायरिया बैक्टीरिया के संक्रामण से होता है, तो एंटीबायोटिक लेना आवश्यक हो जाता है। 
[Tags: Dairiya kya hai, Dairiya kaise hota hai, Dairiya ka ilaj, Dairiya ka gharelu upay, Dairiya Ke Lakchan]प्रस्तुति: झबरू

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