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अपने बच्चों को सुरक्षित भोजन देने के लिए इन बातों का अवश्य ध्यान रखें

अक्सर हम अपने जीवन में छोटी-छोटी बातों में ध्यान नहीं देते हैं जिससे कभी-कभी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते है। परंतु यदि हम अपने खाने-पीने में कुछ छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रख कर कार्य करेंगे तो अपने बच्चों को कई तरह के गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं। यहाँ हम आज सुरक्षित भोजन (Safe Food) के पाँच प्रमुख बातों के बारे जानकारी प्राप्त करेंगे। 
1 - साफ-सफाई रखें
Wash hands before cooking and eating
  • खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने से पहले तथा भोजन पकाते समय हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
  • शौच के बाद साबुन से ठीक से हाथ धोएं।
  • भोजन पकाने के लिए प्रयोग में आनेवाले बरतन और स्थान को ठीक से साफ रखें।
  • रसोई घर तथा भोजन को कीड़े-मकोड़े, जंतु एवं जानवरों से सुरक्छित रखें।
अधिकतर सूक्ष्मजीव बीमारियां नहीं फैलाते है । खतरनाक सूक्ष्मजीव व्यापक रूप से मिट्टी, पानी, जानवर एवं मनुष्यों में पाये जाते है। ये सूक्ष्मजीव हाथों, सूखे कपड़ों एतं बरतनों में पाये जाते है। इनके संपर्क से सूक्ष्मजीव भोजन में फैल जाते है तथा दूषित भोजन से उत्पन्न बीमारियों का कारण बनते है।

2. कच्चे एवं पके हुए भोजन को अलग रखें
Raw-Foods
  • कच्चा मीट, चिकन तथा मांसाहारी पदार्थों को अन्य खाद्य पदार्थों से अलग रखे। कच्चे खाद्य पदार्थो  के लिए अलग बरतनों का उपयोग करे। इससे काफी हद तक बचाव होता है।
  • खाद्य पदार्थों को बंद डिब्बों में रखे, जिससे कच्चा एवं पका हुआ भोजन संपर्क में न आ सके।
कच्चा  भोजन मुख्यतः मीट चिकन, मछली और उनके रस में खतरनाक सूक्ष्मजीव हो सकते हैं, जो दूसरे खाद्य पदार्थों में भी फैल कर उन्हें संक्रमित कर सकते हैं। अतः इन्हें अन्य खाने पीने की चीजों से अलग रखना ही फायदेमंद है।

3. भोजन को अच्छी तरह से पकाएं (Cook the food well)
Cooking-food
  • मीट, चिकन तथा अन्य मांसाहारी खाने को ठीक से पकाना ज़रूरी है। 
  • सूप तथा उबली हुई  सब्जियों के रस को ध्यानपूर्वक 70 डिग्री तक उबालें। ध्यान रखे कि मीट तथा चिकन का रस साफ हो, गुलाबी नहीं।
  • पके हुए भोजन को ठीक प्रकार से दोबारा गरम करें, अन्यथा बैक्टीरिया पूरी तरह नष्ट नहीं होते ।
ठीक प्रकार से भोजन को पकाने से अधिकतर खतरनाक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। स्टडी के अनुसार भोजन को 70 डिग्री सेंटीग्रेड तक पकाने से यह सुनिश्चित हो जाता है कि भोजन खाने के लिए सुरक्षित है। खाद्य पदार्थ जैसे-कीमा, भुना हुआ चिकन एवं मीट के बड़े टुकड़ों को पकाते समय अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

4. खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तापमान में रखें (Keep foods in a safe temperature)
Keep-foods-in-cool-place
  • पके हुए भोजन को सामान्य तापमान में दो घंटो से अधिक न छोड़ें।
  • पके भोजन तथा जल्दी खराब होनेवाले खाद्य पदार्थों को फ्रिज में रखे। (5 डिग्री से कम तापमान पर रखे)। परोसने से पूर्व पके हुए भोजन को अत्यधिक गरम रखे। ( 60 डिग्री से अधिक तापमान )
  • खाद्य पदार्थों को अधिक समय तक फ्रिज में न रखे।
भोजन को सामान्य तापमान पर रखने से उनमें सूक्ष्मजीवों की संख्या बड़ी तीव्रता से बढती है। भोजन को पांच डिग्री से कम या 60 डिग्री से अधिक तापमान पर रखने से सूक्ष्मजीवों की वृद्धि बहुत ही कम गति से होती है या वे बिल्कुल ही समाप्त हो जाते हैं। कुछ खतरनाक सूक्ष्मजीव पांच डिग्री से कम तापमान में भी बढने लगते हैं।

5. शुद्ध पेयजल का प्रयोग करें (Use pure drinking water)
Drinking-water
  • सुरक्षित जल का प्रयोग करें अथवा जल को सुरक्षित करने का उपाय करें ।
  • ताजे तथा पौष्टिक खाद्य पदार्थों का चयन करें।
  • सुरक्षित प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों (safe processed foods) का ही चयन करें।
  • फलों तथा सब्जियों को अच्छी तरह से धो कर प्रयोग करें।
  • खाद्य पदार्थ का प्रयोग उसकी एक्सपायरी डेट के बाद न करें।
कच्चे पदार्थों में पानी और बर्फ भी शामिल है, जो हानिकारक सूक्ष्मजीव तथा रसायनों से हो सकते है। बासी भोजन एवं फफूंदी लगे भोजन में जहरीले रसायन पाये जाते है। कच्चे पदार्थों को छीलते और धोते समय सावधानी बरतने से खतरे को कम किया जा सकता है। अतः कच्ची चीजों को अच्छी तरह धोकर ही प्रयोग करें।

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